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PD ACT (Preventive Detention Act)

PD ACT -पीडी एक्ट (Preventive Detention Act) जिसे हम निवारक नजरबंदी कानून, प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट,या एहतियातन हिरासत इन नामों से जानते है।
पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में राजा सिंह को पुलिस ने PD ACT के तहत गिरफ्तार कर दोबारा जेल भेज दिया है। 23 अगस्त को गिरफ्तार हुए राजा सिंह को लोकल कोर्ट से ज़मानत मिल गई थी। इस से हैदराबाद सहर के मुस्लिक समुदाय के लोगो के द्वारा सडको पर विरोध प्रदर्शन किया जा रह है।
PD ACT सर्वप्रथम संसद के द्वारा 1950 में एक वर्ष के लिए पास किआ गया था। और सन 1951 में संशोधित रूप से पास किया गया। सन 1952 ,1953 ,1954 में इसे तीन वर्ष यानी की 1957 तक पास किया गया। इसके बाद हर तीन वर्ष के बाद इसे यानि 1960, 1963 ,1966 ,में तीन तीन वर्ष के लिए पास किया गया था। सन 1966 के बाद संसद से इसे दोबारा पास नहीं किया।
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PD ACT -पीडी एक्ट जिसे हम निवारक नजरबंदी कानून, प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट भी कहते है। इसकी कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है ,फिर भी हम इसे आसान भाषा में समझने का प्रयाश करेंगे। इसका मुख्या उदेश्य किसी व्यक्ति द्वारा की किए गए अपराध पर दंड देना नहीं होता ,बल्की अपराध को करने से पहले ही उसे जेल में भेज देना होता है।
PD ACT का महत्व सामान्य काल में भी कम नहीं है. इसी कारण हमारे संविधान ने भी भारतीय संसद को यह अधिकार दिया हुआ है। कि वह देश की रक्षा, कानूनी व्यवस्था तथा भारतीय संघ की रक्षा आदि के लिए निवारक नजरबंदी कानून (Preventive Detention Act) को बना सकती है। इस प्रकार का कानून बनाने का अधिकार राज्य के विधान मंडलों को भी दिया गया है।
अगर किसी भी व्यक्ति को इस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जाता है तो भारतीय सविधान के आर्टिकल 21 के अनुसार गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को उ उसकी गिरफ्तारी का कारण बताना होगा तथा साथ में उसे 24 घंटे के अंदर नजदीक मजिस्ट्रेट के समने पेस करना होगा
अगर किसी भी व्यक्ति को इस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जाता है तो भारतीय सविधान के आर्टिकल 21 के अनुसार गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को उ उसकी गिरफ्तारी का कारण बताना होगा तथा साथ में उसे 24 घंटे के अंदर नजदीक मजिस्ट्रेट के समने पेस करना होगा।
इस कानून का प्रयोग बहुत सोच-समझकर होना चाहिए, परंतु व्यवहार में यह होना बहुत कठिन है। क्युकी , सत्ताधारी दल मतलब जिसकी अभी सरकार हो , कभी भी इस कानून का दुरुपयोग कर सकता है,
नहीं ,क्युकी इस एक्ट के स्थान पर संसद ने 1 january 1970 को सामप्त कर दिया गया। इस के स्थान पर 7 मई 1971 को प्रेजिडेंट ने इक अध्यादेश जारी करके M.I.S.A. (Maintenance of Internal Security Act ) पास किया गया। सन 1969 में संसद ने इसे दोबारा पास नहीं किया।
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