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NITI AAYOG

निति आयोग ( niti aayog ) राष्‍ट्रीय भारत परिवर्तन संस्‍थान जिसे पहले योजना आयोग कहा जाता था। योजना आयोग की शुरुआत मार्च 1950 में की गई थी. इसका नाम बदलकर 2015 में नीति आयोग कर दिया गया . योजना आयोग का गठन पंचवर्षीय योजना को तैयार करने .
1947 ईस्वी में औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद भारत के सामने एक गंभीर चुनौती यह थी कि वह भारत के विकास को सुनिश्चित करने के लिए किस प्रकार की शासन व्यवस्था को अपनाए। ऐसी स्थिति में, भारत ने विशुद्ध समाजवादी प्रारूप को अपनाना भी अनुचित माना था
संविधान में किसी भी प्रकार की योजना को नहीं जोड़ा गया था 1950 में जयप्रकाश नारायण के द्वारा सर्वोदय योजना शुरू की जाती है। जिसके तहत गरीब और अमीर सबका विकास को लेकर चला गया था लेकिन बाद में के.सी नियोगी ने सोवियत
के.सी नियोगी ने सोवियत संघ का दौरा करते हैं और उस समय सोवियत संघ में समाजवादी शासन की सरंचना को अपनाया हुआ था। नियोगी वहां से ही नियोजन की व्यवस्था को भारत लेकर आते हैं। और बाद में इस नियोजन को ही इन्होंने समवर्ती सूची के अंदर रखा
जो बाद में उनकी सिफारिशों के अनुसार 15 मार्च 1950 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पारित प्रस्ताव के द्वारा योजना आयोग की स्थापना की गई थी। योजना आयोग एक गैर संवैधानिक संस्था है। जिसकी प्रथम अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू तथा उपाध्यक्ष गुलजारी लाल नंदा को बनाया गया
लेकिन केंद्र में सत्ता परिवर्तन होने की बात 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसका नाम बदलकर नीति आयोग कर दिया गया।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाला यह आयोग सरकार के थिंक टैंक के रूप में कार्य करेगा व केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों के लिए भी नीति निर्माण करने वाले संस्थान की भूमिका निभाएगा केंद्र और राज्य सरकारों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय में महत्वपूर्ण मुद्दों पर यह निर्णय तकनीक सलाह देगा
15 अगस्त 2014 को देश के प्रधानमंत्री ने लाल किले लाल राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में योजना आयोग के स्थान पर एक नई संस्था लाने की घोषणा की थी जो की 1 जनवरी 2015 को मंत्रिमंडल के एक प्रस्ताव के तहत एक नई संस्था बनी जिसे राष्ट्रीय भावना परिवर्तन संस्थान( National Institution for Transforming India -NITI AAYOG ) कहां गया