होमो सेपियन्स का विकास कैसे हुआ ? जानिए – इसका इतिहास

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आज हम CLASS 11 HISTORY में होमो सेपियन्स का विकास  के बारे में बताया गया है। आज इस लेख में होमो सेपियन्स का विकास कैसे हुआ को पुरे विस्तार के साथ पढ़ने वाले है।  जिस तरह से हम  अपने आप को देखते है। कभी इसके पीछे के इतिहास को जानने कोशिश की है। हमें बताया जाता है। की कैसे हम वानरों से परवर्तित होकर आज इस रूप में आये है। इस लेख में हम आज के मानव के विकास से बारे में जानने की कोशिश करेंगे.

आधुनिक मानव (होमो सेपियन्स) का विकास कैसे हुआ ?

आज से लगभग 56 लाख साल पहले जब पृथ्वी पर ऐसे प्राणी का उद्भव हुआ जिसे हम मानव कह सकते है। क्या ये मांनव आज के मानव जैसा था ,नहीं 56 लाख साल से लेकर अब तक मानव में बहुत ज्यादा परिवर्तन देखने को मिला है। यह परिवर्तन 160000 तक चलता रहता है और ऐसी वर्ष हम कह सकते है की आज के मानव का विकाश होना शुरू हुआ लेकिन 160000 साल से लेकर 8000 इ पू तक मानव दुसरो द्वारा मारे गए या खुद मरे प्राणियों को खाकर ही अपना पेट भर रहे थे लेकिन धीरे धीरे इन्होने औजार बनाना शुरू कर दिया था।
मानव के विकास के क्रम को 360 से 240 लाख वर्ष पहले तक खोजा जा सकता है। जब पहले बार एशिया और अफ्रीका में स्तनपाई प्राणिओ का उपसमूह प्राइमेट (PRIMATES ) को खोजा गया था। (प्राइमेट स्तनपाई प्राणिओ के एक अधिक बड़े समूह के अंतर्गत इक उपसमूह है। जिसमे लगूर, वानर और मानव आते है। ) . प्राइमेट्स के बाद लगभग 240 साल पहले होमिनोइड्स (HOMINOIDS ) आया जो की प्राइमेट्स का इक उपसमूह था लेकिन धीरे धीरे समय बिताता गया आज से लगभग 56 लाख साल पहले हमे थोड़ा बहुत आज के मानव के जैसा देखने को मिला जो पूरी तरह तो आज के मानव( होमो सेपियन्स)
के जैसा तो नहीं था ,पर थोड़ा बहुत मिलता जुलता था। इस समूह को हमने नाम दिया होमिनीड्स (HOMINIDS ) जो की होमिनोइड्स का ही उपसमूह था।

होमिनोइड्स और होमिनिड् में समानताये और अंतर ?

होमिनिड् ,होमिनोइड्स का ही उपसमूह है ,इन दोनों में कुछ समनताये है तो कुछ बहुत बड़े अंतर भी है।
१. जैसे होमिनोइड्स का मस्तिक है ,वो होमिनिड्स की तुलना में छोटा होता है।
२ होमिनोइड्स जो है वो अपने चारो पैरो पर चलते है वही होमिनिड्स आज के मानव की तरह दो पैरो पर चलते है। मतलब सीधे खड़े होकर चलते है।
३ होमिनोइड्स अपने चारो पैरो के सहारे पर चलने से उनको अपने हाथ इस्तेमाल नहीं करना आता ,वही होमिनिड्स अपने सीधे दो पैरो पर चलने से उनके दो हाथ विशेष किस्म के होने से वो औजार बना सकते है।

होमोनिडो का उद्भव कहा पर हुआ ?

यह इक बहुत ही सभी के लिए मुश्किल सवाल बना रहता है। की इनका उद्भव कहा पर हुआ ? इसका पता हमको दो प्रकार के साक्ष्य को देखने पर पता चलता है की इनका उद्भव जो है वो आज के अफ्रीका में हुआ। पहला कारण की आज के अफ्रीका के वानर उस टाइम के होमोनिडो से देखने में इक जैसे है उनका रहना ,सकल सभी एक जैसे है। दूसरा कारण हो सकता है, की सबसे पुराना होमोनीड का जीवाश्म जो है ,वो आस्ट्रेलोपिथिक्स वंश का है जो की पूर्वी अफ्रीका में पाया गया जिसका काल 56 लाख वर्ष पहले का बताया जाता है ,लेकिन अफ्रीका के जितने भी बहार जीवाश्म पाए गए है. उनका काल 18 लाख साल से अधिक पुराण नहीं है। इसलिए हम कह सकते है की इनका उद्भव अफ्रीका के अंदर हुआ था। इनमे बहुत अधिक विशेषताए थी जैसे की मस्तिक का आकर बड़ा होना ,दो पेरो के बल सीधे खड़े होकर चलना ,हाथ का विशेष रूप होना जिस से की औजार बना सके और इनका इस्तेमाल कर सकता था।

इनको नाम कैसे दिए गए ?

इनको नाम कैसे दिए यह भी अपने आप में बहुत बड़ा प्रश्न है । आज इस लेख के द्वारा हम आपको बताने का प्रयाश करेंगे की इनका नाम कैसे रख गया।
होमिनिड को आगे बहुत सी शाखाओ में विभाजित किया गया है। इन शाखाओ को जीनस कहा जाता है। इन साखो में ही आस्ट्रेलोपैथिकस और होमो को रखा गया है। आस्ट्रेलोपैथिकस मतलब इसको दो शब्द लातिनी और यूनानी से मिलाकर बनाया गया है। आस्ट्रेलोपैथिकस नाम को लातिनी भाषा के शब्द ऑस्ट्रेल यानी की दक्षिणी और यूनानी भाषा का शब्द पेथियस यानि वानर से मिलकर बना है। यह नाम इसको इसलिए दिया गया था ,क्यों आज के मानव के आद्य रूप के लक्षण इसमें देखने को मिलते है ,जैसे होमो की तुलना में मस्तिक का छोटा होना ,पिछले दांत का बड़ा होना और हाथो की काम करने की तरीका आज के मानव के जैसा होना। उसमे सीधे खड़े होकर चलने की दक्षता भी अधिक नहीं थी। आज भी ये अपना ज्यादा से ज्यादा समय पेड़ो पर गुजरते है।
आस्ट्रेलोपैथिकस की खोज की बात करे तो इसकी खोज लगभग 17 जुलाई 1959 को मेरी व लुईस ने की थी।
होमो लातिनी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है आदमी इसमें स्त्री और पुरुष दोनों को शामिल किआ जाता है। होमो को भी विज्ञानिको ने उसकी विशेषताओ के आधार पर अलग अलग नामो से बांटा है। जैसे होमो हैबिलिस (औजार बनाने वाले ) ,होमो इरेक्टस (सीधे खड़े होकर पैरो के बल चलने वाले ), होमो सेपियन्स (प्राज्ञ या चिंतनशील मानव ) के रूप में बंटा है। होमो हैबिलिस के जीवाश्म हमेइथोयोपिआ में ओमो ओट तंजानिया में ओल्डूवई गोर्ज से मिले है।
होमो इरेक्टस के प्राचीनतम जीवाश्म हमे अफ्रीका और एशिया महादीप मर पाए गए है।
हमने धोड़ा बहुत ऊपर बी इसका जिक्र किया है की इनका नाम जहां से मिले उनके आधार पर ही रखे गए है। जैसे जर्मनी के हाइडलबर्ग में पाए गए जीवाश्मों को होमो हाइडलबर्ग बर्गेंसिस (HOMO HEIDEL BERGENSIS )कहा गया था।
जर्मनी के निअंडर घाटी में पाए गए जीवाश्मों को होमो निअंडरथलेसिस (Homo Neanderthalesis) कहा गया था।

आस्ट्रेलोपैथिकस और होमो में तुलना ?

आस्ट्रेलोपैथिकस ,की तुलना में होम्योका मस्तिक बड़ा होता है। जबड़े बहार की और कम निकले होते थे ,पर दांत छोटे होते थे। उनमे मस्तिक के आकर में वृद्धि को अधिक बहुधिमता और बेहतर याददाश्त से जोड़ा जाता है। शायद इनके जबड़ो और दांतो में हुआ परिवर्तन उनके खान पान की वहज से हुआ होगा।

काल रेखा – 1
360 – 240 लाख वर्ष पूर्व                        नर -वानर (प्राइमेट); बंदर एशिया और अफ्रीका में

240 लाख वर्ष पूर्व                              (अर्ध परिवार ) होमोनोइड , गिब्बन, एशियाई ओरंगटन और अफ्रीका वानर (                                                         गोरिल्ला,चेपेंजी ,और बोनोबो पिग्मी चिपेंजी

64 लाख वर्ष पूर्व                               होमिनोएड और होमिनिड की शाखाओं में विभाजन

56 लाख वर्ष पूर्व                               आस्ट्रेलोपिथिकस
26-25 लाख वर्ष पूर्व                          पत्थर के सबसे पहले औजार
25-20 लाख वर्ष पूर्व                         अफ्रीका का ठंडा और  शुष्क होना ,परिणाम स्वरूप जंगलों में कमी और घास के मैदानों में विधि
25- 20 लाख वर्ष पूर्व                        होमो
22 लाख वर्ष पूर्व                              होमो हैबिलिस
18 लाख वर्ष पूर्व                               होमो इरेक्टस
13 लाख वर्ष पूर्व                              ऑस्ट्रेलोथीकस का विलुप्त होना
8 लाख वर्ष पूर्व                                 आद्य सिपिएंस,होमो हाइडल गार्गेसिस
1.9 -1.6 लाख वर्ष पूर्व                        होमो सेपियंस (आधुनिक मानव)

आशा करते हैं कि हमारा द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी यह जानकारी आपको क्लास 11 एनसीआरटी बुक हिस्ट्री के पहले   चैप्टर को आसान भाषा में बताया गया है. अगर आपको इस जानकारी के अंदर कोई समस्या आए या आपका कोई क्वेश्चन हो तो आप कमेंट बॉक्स में हम तक अपनी समस्या व जानकारी को शेयर कर सकते हैं. आपके द्वारा दी गई जानकारी व समस्या का समाधान  जल्द से जल्द किया जाएगा.

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